भारत सरकार के खाद्य सुरक्षा मंत्रालय ने राशन कार्ड से जुड़े नए नियम लागू कर दिए हैं। इनका उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है। नए नियमों के तहत अब सब्सिडी और सरकारी अनाज केवल उन्हीं परिवारों तक पहुंचेगा जो वास्तव में इसके हकदार हैं। सरकार ने चेतावनी दी है कि यदि राशन कार्ड धारक इन नियमों का पालन नहीं करते तो उनके कार्ड रद्द भी किए जा सकते हैं।
बैंक खाता और आधार लिंकिंग अनिवार्य
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रत्येक राशन कार्ड धारक के पास अपने नाम से जन-धन योजना के तहत बैंक खाता होना जरूरी है। यह खाता आधार कार्ड और सक्रिय मोबाइल नंबर से जुड़ा होना चाहिए। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) की सुविधा इसी प्रक्रिया से सुनिश्चित होगी, जिससे सब्सिडी सीधे लाभार्थियों तक पहुंच सकेगी। मोबाइल नंबर हमेशा चालू रहना अनिवार्य है ताकि सरकारी संदेश और अपडेट समय पर मिलते रहें।
राशन वितरण में बायोमेट्रिक सिस्टम
नई व्यवस्था के तहत अब राशन लेने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। इसमें लाभार्थियों की पहचान फिंगरप्रिंट या रेटिना स्कैन से की जाएगी। इस तकनीक से नकली राशन कार्ड का दुरुपयोग बंद होगा और असली लाभार्थियों को उनका अधिकार समय पर मिलेगा।
सभी सदस्यों के लिए ई-केवाईसी जरूरी
सरकार ने अब राशन कार्ड में शामिल प्रत्येक सदस्य की इलेक्ट्रॉनिक KYC अनिवार्य कर दी है। यह प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से पूरी की जा सकती है। ऑफलाइन सुविधा राशन की दुकान या निकटतम केंद्र पर आसानी से उपलब्ध है। ई-केवाईसी से यह सुनिश्चित होगा कि कार्ड पर दर्ज नाम वास्तव में मौजूद हैं और फर्जीवाड़े की गुंजाइश न रहे।
भूमि और संपत्ति की सीमा तय
नए नियमों के अनुसार जिन परिवारों के पास दो हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि है या नियमित आय का स्थायी स्रोत है, वे राशन कार्ड योजना के लिए अब पात्र नहीं होंगे। सरकार का उद्देश्य केवल छोटे और सीमांत किसानों तथा गरीब परिवारों तक ही सब्सिडी पहुंचाना है। इससे संपन्न परिवार योजना से बाहर होंगे और वास्तविक जरूरतमंदों को अधिक लाभ मिलेगा।
अपात्रता से बचने के लिए जरूरी कदम
यदि राशन कार्ड में मृतक व्यक्ति का नाम शामिल है, विवाहित महिला का नाम अभी भी पुराने कार्ड में दर्ज है या परिवार के पास एक से अधिक कार्ड हैं, तो लाभ तुरंत रुक सकता है। ऐसे मामलों में लाभार्थियों को तुरंत खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से संपर्क कर सुधार कराना होगा।
दस्तावेजों की समय पर जांच और अपडेट
राशन कार्ड धारकों को अपने दस्तावेजों की नियमित जांच और अपडेट करते रहना चाहिए। परिवार में नए सदस्य जुड़ने, किसी की मृत्यु होने, मोबाइल नंबर बदलने या आधार कार्ड अपडेट होने पर तुरंत राशन कार्ड में बदलाव कराना जरूरी है। समय पर अपडेट कराने से भविष्य की समस्याओं से बचा जा सकता है।
सुचारू कार्यान्वयन की तैयारी
लाभार्थियों को सलाह दी गई है कि वे जल्द से जल्द अपने बैंक खाते, ई-केवाईसी और मोबाइल लिंकिंग जैसे कार्य पूरे करें। सभी जरूरी जानकारी के लिए स्थानीय राशन डीलर या खाद्य विभाग कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। समय पर तैयारी करने से सब्सिडी और सरकारी योजनाओं का लाभ लगातार मिलता रहेगा।
निष्कर्ष
राशन कार्ड के नए नियम देश की खाद्य सुरक्षा प्रणाली में एक बड़ा सुधार माने जा रहे हैं। ये नियम शुरुआत में कठिन लग सकते हैं, लेकिन लंबी अवधि में यह व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाएंगे। सरकार का यह प्रयास वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक अनाज और सब्सिडी पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
डिस्क्लेमर
यह जानकारी सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। राशन कार्ड से संबंधित नवीनतम नियमों की पुष्टि के लिए अपने स्थानीय खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से संपर्क करें। समय-समय पर नियमों में बदलाव संभव है।