आधार कार्ड वालों के लिए सरकार ने अचानक नया नियम किया लागू, सभी को जाना बेहद जरूरी Aadhar Card New Rule

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भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार कार्ड से जुड़ी कई नई गाइडलाइंस लागू की हैं। इनका उद्देश्य फर्जीवाड़े और डुप्लिकेट आधार कार्ड की समस्या को खत्म करना है। देश की जनसंख्या लगभग 145 करोड़ है, जबकि अब तक 120 करोड़ से ज्यादा आधार कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इस स्थिति से साफ है कि कई नागरिकों के पास एक से अधिक आधार कार्ड हैं, जो न केवल सरकारी डेटाबेस में भ्रम पैदा करते हैं बल्कि वित्तीय धोखाधड़ी और पहचान चोरी के लिए खतरा भी बनते हैं।

आधार प्रणाली की अखंडता और सुरक्षा पर जोर

सरकार का मुख्य लक्ष्य आधार प्रणाली को मजबूत बनाना और नागरिकों को किसी भी प्रकार की वित्तीय हानि से बचाना है। नए नियमों के अनुसार, जिन लोगों के पास दो या अधिक आधार कार्ड हैं उन्हें तुरंत अतिरिक्त कार्ड सरेंडर करना होगा। UIDAI ने स्पष्ट किया है कि डुप्लिकेट आधार कार्ड रखना अब गंभीर अपराध माना जाएगा और इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

डुप्लिकेट आधार रखने पर सख्त कार्रवाई

यदि किसी व्यक्ति के पास एक से अधिक आधार कार्ड पाए जाते हैं तो उसे तुरंत एक कार्ड को रद्द कराना होगा। अन्यथा, भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। कई मामलों में देखा गया है कि आधार के दुरुपयोग से बैंक खातों से पैसे निकाले गए हैं या पहचान चोरी की घटनाएं हुई हैं। यही कारण है कि सरकार ने डुप्लिकेट कार्ड रखने पर जेल की सजा तक का प्रावधान किया है।

नया आधार कार्ड बनवाने के लिए कड़े दस्तावेज नियम

UIDAI ने नया आधार कार्ड जारी करने की प्रक्रिया को पहले से ज्यादा सख्त कर दिया है। अब आवेदक को जन्म प्रमाणपत्र, राशन कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे वैध दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। इन दस्तावेजों की सत्यता की गहन जांच की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति गलत या फर्जी दस्तावेज जमा करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह नियम नए कार्ड और पुराने कार्ड के अपडेट दोनों पर लागू होंगे।

पुराने आधार कार्ड अपडेट करना हुआ अनिवार्य

जिन लोगों के पास 10 साल से अधिक पुराना आधार कार्ड है, उनके लिए अब इसे अपडेट कराना जरूरी हो गया है। विशेष रूप से बचपन में बनाए गए आधार कार्ड में बायोमेट्रिक जानकारी समय के साथ बदल जाती है, जिससे भविष्य में पहचान संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। अब आधार अपडेट के दौरान नई फोटो, फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन लेना अनिवार्य कर दिया गया है।

ऑनलाइन और ऑफलाइन अपडेट की सुविधा

UIDAI ने नागरिकों की सुविधा के लिए ऑनलाइन अपडेट की सेवा भी उपलब्ध कराई है। लोग घर बैठे पता, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी जैसी जानकारी अपडेट कर सकते हैं। हालांकि बायोमेट्रिक अपडेट के लिए अभी भी अधिकृत आधार केंद्र पर जाना आवश्यक है। ऑनलाइन अपडेट करते समय सभी दस्तावेज स्पष्ट और सही होने चाहिए, अन्यथा आवेदन खारिज किया जा सकता है।

आधार कार्ड की सुरक्षा को लेकर सतर्कता जरूरी

UIDAI ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। किसी भी स्थिति में आधार नंबर या ओटीपी किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए। आधार की फोटोकॉपी देते समय उस पर “केवल … के लिए” लिखना चाहिए ताकि उसका गलत इस्तेमाल न हो सके। साथ ही मोबाइल नंबर हमेशा आधार से लिंक रखना जरूरी है, ताकि समय-समय पर मिलने वाले अलर्ट और अपडेट नागरिक तक पहुंच सकें।

डुप्लिकेट कार्ड की पहचान और समाधान प्रक्रिया

यदि किसी नागरिक के पास गलती से दो आधार कार्ड हो गए हैं तो उसे नजदीकी आधार केंद्र पर जाकर अतिरिक्त कार्ड को सरेंडर करना होगा। UIDAI के सिस्टम में बायोमेट्रिक डेटा के जरिए डुप्लिकेट कार्ड की तुरंत पहचान हो जाती है। इसलिए छुपाने की बजाय स्वयं जाकर इसे रद्द करवाना ही बेहतर है।

भविष्य की योजनाएं और सुरक्षा उपाय

UIDAI लगातार आधार प्रणाली को और सुरक्षित बनाने के लिए नई तकनीकों पर काम कर रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग का उपयोग करके फर्जीवाड़े की पहचान की जा रही है। आने वाले समय में आधार को और भी सुरक्षित और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने की योजना है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे समय-समय पर अपने आधार की स्थिति की जांच करते रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत UIDAI से संपर्क करें।

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